इस्लाम यह है कि - 4

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आप यह विश्वास रखें कि अल्लाह ने आदम को मिट्टी से पैदा किया है और वह सर्व प्रथम मानव हैं। अल्लाह ने उन्हें सन्तान प्रदान किया ताकि उन की परीक्षा करे। परन्तु समय बीतने के साथ-साथ लोग पथ-भ्रष्ट हो गए, शैतान ने उन्हें भटका दिया और वे मूर्तियों को पूजने लगे। चुनाँचे अल्लाह ने मनुष्यों में से संदेष्टा भेजे कि वे लोगों को अल्लाह का संदेश पहुँचायें। और वह संदेश यह था कि एक मात्र अल्लाह की उपासना की जाए,  जिस का कोर्इ साझी नहीं,  संदेष्टाओं का अनुसरण किया जाए और अल्लाह के अतिरिक्त की इबादत और उपासना को त्याग दिया जाए। उन संदेष्टाओं में से (नूह,  इब्राहीम,  मूसा,  र्इसा ) और उनमे सबसे अनितम और समस्त पैग़म्बरों के मुदि्रका मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम हैं। किसी मनुष्य का इस्लाम उस समय तक शुद्ध और मान्य नहीं हो सकता जब तक कि वह समस्त पैग़म्बरों पर विश्वास न रखे और उन सब से प्रेम न करे।

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