एकेश्वरवाद का मानव-जीवन पर प्रभाव - जानने अल्लाह
  • इन्सानों का सुधार

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    इन्सान का दो तरीक़ों से सुधार किया जा सकता है—अन्दर से बाहर की तरफ़ (Outward) और बाहर से अन्दर की तरफ़

    23/09/2013 5130
  • हर समय सतर्क

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     एकेश्वरवाद का मानने वाला यह मानता है कि अल्लाह मालिक (Lord) है और मैं दास (Slave)। तब उसकी पूरी ज़िन्दगी इबादत

    23/09/2013 5153
  • उम्मीद और डर

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     एकेश्वरवाद का मानना इस बात को मानना है कि अल्लाह अत्यन्त दयावान है, माफ़ करनेवाला है, मगर न्याय और

    22/09/2013 4632
  • जवाबदेही और ज़िम्मेदारी का एहसास

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    एकेश्वरवाद को मानने का मतलब यह है कि यह माना जाए कि अल्लाह ने इन्सान को पैदा किया और उसकी ज़िन्दगी को दो हिस्सों

    22/09/2013 5270
  • धरती पर स्वर्ग

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    दुनिया में बहुत-सी विचारधाराएं पैदा हुईं और उनके अनुसार अनगिनत व्यवस्थाएं (Systems) अस्तित्व में आईं और अनेक

    22/09/2013 4698
  • विश्वास का संकट

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     आज की दुनिया में बुराई का अनुपात अच्छाई के मुक़ाबले में लगातार बढ़ रहा है और समाज में विश्वास का संकट पैदा हो

    21/09/2013 4344
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा दी गई स्वास्थ्य की परिभाषा

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    ‘‘शारीरिक, मानसिक, मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक (धार्मिक) दृष्टि से सही होने की संतुलित सतह का नाम

    21/09/2013 30308
  • मानसिक स्वास्थ्य

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    इन्सान की सोच का उसके आचरण और काम पर प्रभाव पड़ता है। सोच और आचरण का रिश्ता ऐसा है, जैसे बैल और बैलगाड़ी का, जिधर

    21/09/2013 7525
  • ग़ुस्से को क़ाबू करना

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    इन्सान और उसके ग़ुस्से के बीच दो में से एक ही रिश्ता होता है—इन्सान ग़ुस्से को कंट्रोल करे या ग़ुस्सा इन्सान

    19/09/2013 4124
जानने अल्लाहIt's a beautiful day