हाथ के संकेत से सलाम करने का हुक्म | जानने अल्लाह

हाथ के संकेत से सलाम करने का हुक्म


Site Team

हाथ के इशारे (संकेत) से सलाम करने का क्या हुक्म है ?

हर प्रकार की प्रशंसा और गुणगान केवल अल्लाह के लिए योग्य है।

संकेत के द्वारा सलाम करना जायज़ नहीं है, बल्कि सुन्नत का तरीक़ा यह है कि कलाम के द्वारा सलाम की शुरूआत की जाए और उसी के द्वारा उसक जवाब दिया जाए। जहाँ तक संकेत और इशारे के द्वारा सलाम करने का प्रश्न है, तो यह जायज़ नहीं है ; क्योंकि यह इस संबंध में कुछ काफिरों के साथ समानता है, और इसलिए कि यह अल्लाह की शरीअत के विरूद्ध है, लेकिन अगर उसने उस व्यक्ति की ओर जिसे सलाम कहना है अपनी ज़ुबान से सलाम बोलने के साथ साथ अपने हाथ से संकेत कर दिया ताकि उसे दूर होने की वजह से सलाम को समझा सके, तो इस बारे में कोई आपत्ति की बात नहीं है ; क्योंकि ऐसी चीज़ वर्णित है जो इस पर तर्क देती है, इसी तरह यदि जिसे सलाम किया गया है वह नमाज़ में व्यस्त है तो वह संकेत के द्वारा सलाम का जवाब देगा, जैसा कि इस संबंध में नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से सही हदीस प्रमाणित है।


Previous article Next article

Related Articles with हाथ के संकेत से सलाम करने का हुक्म

  • आप को सबसे अधिक प्यारा कौन है ?

    डॉक्टर मुहम्मद अब्दुर्रहमान अल अरीफी

    आप को लोगों से संबंध बनाने और उन के साथ व्यव्हार करने के समय अपने कौशल को अधिक से अधिक उपयोग करना चाहए, आप

    04/02/2013 3103
  • जीवित और मृत के बीच

    Site Team

    एक आदमी सब केलिए बोझ था अपने सहयोगियों, अपने पड़ोसियों अपने भाइयों,बल्कि अपने बच्चों केलिए भी, जी हाँ वह बेहिस्स

    09/02/2013 6048
  • नरमी जिस चीज़ में भी हो तो उसको सुंदरता देती है

    Site Team

    जब हम किसी व्यक्ति को पसंद करते हैं, तो अधिकांश हम उनके लिए ऐसे शब्द कहते हैं: फुलाना समझदार है l या फुलाना भारी

    09/02/2013 4617
जानने अल्लाहIt's a beautiful day