ज़ख़्मी पर हमला न किया जाए | जानने अल्लाह

ज़ख़्मी पर हमला न किया जाए


Site Team

‘‘किसी ज़ख़्मी पर हमला न करो।’’ अभिप्राय है वह ज़ख़्मी जो लड़ने के क़ाबिल न रहा हो, न अमली तौर पर लड़ रहा हो।

Previous article Next article

Related Articles with ज़ख़्मी पर हमला न किया जाए

जानने अल्लाहIt's a beautiful day